सत्र अदालत ने एएमसी के उप स्वास्थ्य अधिकारी अरविंद पटेल को फरार घोषित किया

0
38

अहमदाबाद

एएमसी के उप स्वास्थ्य अधिकारी अरविंद पटेल ने निजी कोविड अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीज का बिल पास कराने के लिए 15 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। आयुक्त मुकेश कुमार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। नार्थ वेस्ट जोन का उनका प्रभार मध्य जोन के उप स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेहुल को आचार्य को सौंप दिया गया। एसीबी ने इस बारे में आयुक्त को आधिकारिक रूप से सूचित किए जाने के बाद निलंबित करने का निर्णय लिया गया। उनकी अग्रिम जमानत याचिका को बाद में विशेष एसीबी अदालत ने खारिज कर दिया था। अब सत्र अदालत ने अरविंद पटेल को फरार घोषित कर दिया है।

गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार होने के कारण अरविन्द पटेल को 2 अप्रैल को कोर्ट वारंट मिलने के बाद फरार घोषित कर दिया गया था। मिर्जापुर की सत्र अदालत में 17 जून को भगोड़ों की सूची भेजे जाने के बाद अदालत ने 23 जून को आरोपी अरविंद पटेल को भगोड़ा घोषित कर दिया था।

सिम्स अस्पताल और अहमदाबाद नगर निगम के बीच हुए एमओयू के अनुसार, जिसने कुल बिल का 10 फीसदी रिश्वत के रूप में मांगा था, सरकार कोविड 19 के इलाज के लिए सरकारी रेफरेंस से आने वाले मरीजों के बिलों का भुगतान करती है। एमओयू के मुताबिक सिम्स अस्पताल को कोविड मरीजों के इलाज के लिए निगम से 1.50 करोड़ रुपये का बिल लेना था। निगम के उप स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सिम्स अस्पताल को बिल पास कराने के लिए कहा गया। अरविंद पटेल की ओर से डॉ. आदित्य अस्पताल, नरेश मल्होत्रा ​​ने कुल बिल का 10 फीसदी रिश्वत के तौर पर मांगा। एसीबी ने पूरे मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच की।